बैंगन की खेती कैसे करें | उन्नत तरीके, लागत, पैदावार और मुनाफा

बैंगन की खेती कैसे करें | उन्नत तरीके, लागत, पैदावार और मुनाफा

Brinjal Farming Guide

बैंगन की खेती: पूरे साल कमाई देने वाली फसल (Brinjal Farming Mega Guide 2026)

सब्जियों की खेती में बैंगन (Brinjal) एक ऐसी फसल है जो किसानों को सबसे लंबी अवधि तक उत्पादन देती है। एक बार रोपाई करने के बाद यह 6-7 महीने तक लगातार फल देता रहता है।

बैंगन की खेती (Baingan Ki Kheti) कम लागत और कम पानी में भी हो सकती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हर तरह की मिट्टी और जलवायु में आसानी से उग जाता है। अगर आप कीट नियंत्रण सही समय पर कर लें, तो यह फसल आपको लखपति बना सकती है।

🌟 बैंगन से बदली तकदीर: किसान रामप्रसाद की कहानी

बिहार के वैशाली जिले के किसान श्री रामप्रसाद यादव पहले पारंपरिक तरीके से मक्का और गेहूं उगाते थे। लेकिन छोटे खेत से घर का खर्च चलाना मुश्किल था। उन्होंने 1 एकड़ में हाइब्रिड बैंगन लगाने का फैसला किया।

उन्होंने 'VNR-212' किस्म का चयन किया। फल छेदक कीट से बचने के लिए उन्होंने 'फेरोमोन ट्रैप' लगाए। उनकी फसल इतनी जबरदस्त हुई कि एक पौधे से 15-20 किलो बैंगन मिले।

परिणाम: 7 महीने तक चली इस फसल से उन्होंने कुल 3 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। अब वे साल भर बैंगन और टमाटर की खेती करते हैं।

1. बैंगन की खेती के फायदे (Benefits)

  • लंबी अवधि तक आय: रोपाई के 60 दिन बाद तुड़ाई शुरू हो जाती है और अगले 6 महीने तक चलती रहती है।
  • कम पानी: इसे टमाटर या मिर्च की तुलना में कम पानी की जरूरत होती है।
  • साल भर मांग: बैंगन का भरता और सब्जी हर घर में पसंद की जाती है, इसलिए इसकी मांग कभी कम नहीं होती।
  • अनुकूलन क्षमता: यह गर्मी, सर्दी और बरसात तीनों मौसमों में उगाया जा सकता है।

2. उपयुक्त जलवायु और मिट्टी (Climate & Soil)

बैंगन गर्म मौसम की फसल है, लेकिन यह अधिक ठंड को सहन नहीं कर सकता।

(A) जलवायु

इसके लिए लंबा गर्म मौसम उपयुक्त है।

  • तापमान: 25°C से 35°C तापमान सर्वोत्तम है। पाला पड़ने पर पौधे मर सकते हैं।

(B) मिट्टी

  • दोमट या बलुई दोमट मिट्टी: सबसे अच्छी मानी जाती है।
  • pH मान: 5.5 से 6.5 के बीच।
  • जल निकासी: खेत में पानी जमा नहीं होना चाहिए।

3. उन्नत किस्में (Top Varieties)

बाजार में गोल, लंबे, हरे और बैंगनी बैंगन की अलग-अलग मांग होती है। सही किस्म चुनें:

किस्म (Variety) प्रकार विशेषता
पूसा पर्पल लॉग लंबे बैंगनी फल 25-30 सेमी लंबे और चमकदार होते हैं। यह 100-110 दिन में तैयार हो जाती है।
पूसा पर्पल राउंड गोल बैंगनी फल गोल और 500-600 ग्राम वजन के होते हैं। भरता बनाने के लिए उत्तम।
VNR-212 हाइब्रिड कांटेदार बैंगन, स्वाद में बहुत अच्छे और कीड़े कम लगते हैं।
अर्का नवनीत हाइब्रिड फल बड़े, गोल और गहरे बैंगनी रंग के होते हैं। पैदावार बहुत अधिक है।

4. नर्सरी और रोपाई (Nursery & Transplanting)

नर्सरी: बैंगन के बीज सीधे खेत में नहीं बोए जाते। पहले नर्सरी तैयार करें। एक एकड़ के लिए 300-400 ग्राम बीज पर्याप्त है। बीज को 'ट्राइकोडर्मा' से उपचारित करें।

रोपाई का समय:

  • खरीफ (बरसात): जून-जुलाई।
  • रबी (सर्दी): अक्टूबर-नवंबर।
  • जायद (गर्मी): फरवरी-मार्च।

रोपाई की दूरी (Spacing): कतार से कतार की दूरी 60-75 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 45-60 सेमी रखें। शाम के समय रोपाई करें।

5. खाद और सिंचाई प्रबंधन

  • खाद: रोपाई से पहले खेत में 10-15 टन गोबर की खाद डालें। रसायनिक खाद में 50 किलो DAP, 30 किलो पोटाश और 20 किलो यूरिया प्रति एकड़ दें। फूल आते समय सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) का स्प्रे करें।
  • सिंचाई: गर्मियों में हर 4-5 दिन में और सर्दियों में 10-12 दिन के अंतराल पर सिंचाई करें।

6. रोग और कीट नियंत्रण (Pest & Disease Control)

बैंगन में सबसे बड़ी समस्या 'फल और तना छेदक' (Fruit & Shoot Borer) कीट की है। यह तने और फल में घुसकर उन्हें सड़ा देता है।

  • फल छेदक: ग्रसित फलों और टहनियों को तोड़कर जमीन में गाड़ दें। 'स्पिनोसैड' या 'कोराजन' का छिड़काव करें।
  • सफेद मक्खी: यह पत्तों का रस चूसती है। नीम तेल का स्प्रे करें।
  • छोटा पत्ती रोग (Little Leaf): इसमें पत्ते छोटे रह जाते हैं। यह माइकोप्लाज्मा से होता है। ग्रसित पौधे को उखाड़कर जला दें।

7. तुड़ाई और मुनाफे का गणित (Harvesting & Profit)

रोपाई के 55-60 दिन बाद पहली तुड़ाई शुरू हो जाती है। फलों को कच्ची अवस्था में ही तोड़ लें। हफ्ते में 1-2 बार तुड़ाई करें।

कमाई का हिसाब (प्रति एकड़):
  • लागत: ₹25,000 - ₹30,000
  • औसत उत्पादन: 250-300 क्विंटल
  • औसत भाव: ₹10 - ₹20 किलो
  • कुल आय: 250 क्विंटल x ₹1,500 = ₹3,75,000
  • शुद्ध मुनाफा: ₹3 लाख से ज्यादा (6-7 महीने में)।

निष्कर्ष (Conclusion)

किसान भाइयों, बैंगन की खेती (Brinjal Farming) कम लागत में नियमित आय का सबसे अच्छा जरिया है। अगर आप कीट नियंत्रण पर ध्यान दें और सही किस्म का चुनाव करें, तो यह फसल आपको कभी निराश नहीं करेगी। इसे आप साल भर उगा सकते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ - Brinjal Farming)

Q1. बैंगन में कीड़ा लगने पर क्या करें?

उत्तर: फल और तना छेदक कीट के लिए 'फेरोमोन ट्रैप' लगाएं। अगर प्रकोप ज्यादा हो तो 'कोराजन' या 'इमामेक्टिन बेंजोएट' का स्प्रे करें।

Q2. एक एकड़ में कितने पौधे लगते हैं?

उत्तर: एक एकड़ में लगभग 7,000 से 8,000 पौधे (60x60 सेमी की दूरी पर) लगाए जा सकते हैं।

Q3. बैंगन की तुड़ाई कब तक चलती है?

उत्तर: अच्छी देखभाल करने पर बैंगन की फसल 6 से 8 महीने तक लगातार फल देती रहती है।

Q4. बैंगन के पौधे की छंटाई (Pruning) कब करें?

उत्तर: जब पुरानी फसल में फल आना कम हो जाएं, तो पौधे की कटाई कर दें और खाद-पानी दें। इससे नई शाखाएं निकलेंगी और दोबारा फल आने लगेंगे (इसे रटून फसल कहते हैं)।

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