Mushroom Farming Main Image
मुनाफे की बात: मशरूम एक ऐसा उत्पाद है जिसे एक कमरे में भी उगाया जा सकता है। इसे उगाकर किसान अपनी आय दोगुनी ही नहीं, बल्कि चार गुनी कर सकते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बाजार में मशरूम की मांग तेजी से बढ़ी है। जिस हिसाब से मांग है, उस हिसाब से उत्पादन अभी भी कम है। ऐसे में यह नए किसानों के लिए कमाई का सुनहरा मौका है।

💰 बाजार भाव और कमाई

मशरूम का रेट इसकी क्वालिटी और समय पर निर्भर करता है:

  • ताजा मशरूम: 100 रुपये से लेकर 150 रुपये किलो तक।
  • सूखा मशरूम: 400 रुपये किलो तक बेचा जा सकता है।
  • उत्पाद: आजकल मशरूम से अचार, पापड़, और बड़ी जैसी चीजें बनाकर भी बेची जा रही हैं।
🍄 मशरूम के प्रकार और सही समय

मुख्य रूप से तीन तरह के मशरूम का उत्पादन होता है, जिससे आप साल भर कमाई कर सकते हैं:

  1. ऑयस्टर मशरूम (Oyster): सितम्बर से 15 नवंबर तक।
  2. बटन मशरूम (Button): नवंबर से फरवरी-मार्च तक।
  3. दूधिया मशरूम (Milky): फरवरी के बाद जून-जुलाई तक।
सेहत का खजाना: इसमें प्रोटीन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। यह कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने में सहायक है और शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाता है।
1. ऑयस्टर मशरूम (Oyster Mushroom) की खेती

यह सबसे आसान और सस्ती विधि है।आजकल सभी होटलों में मशरूम का अने व्यंजनों में उपयोग किया जाता है दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में इसकी भारी मांग है।

खेती की विधि:

  • सामग्री: भूसा, पॉलीबैग, कार्बेंडाजिम, फॉर्मेलिन और अच्छी क्वालिटी का स्पॉन (बीज)।
  • अनुपात: 10 किलो भूसे के लिए 1 किलो बीज (Spawn) लगता है।
  • भूसा उपचार: 10 किलो भूसे को 100 लीटर पानी में भिगोएं। इसमें 150 मिली फॉर्मेलिन और 7 ग्राम कार्बेंडाजिम मिलाएं। 12 घंटे बाद बाहर निकालकर सुखाएं ताकि एक्स्ट्रा पानी निकल जाए।
  • बैग भरना: पॉलीबैग में भूसे की परत लगाएं, फिर बीज डालें। ऐसी 3 लेयर (परत) बनाएं।

कब निकलेगा मशरूम?
बैग भरने के मात्र 15 दिनों बाद इसमें से सफेद-सफेद खुम्बियां निकलने लगती हैं।

2. बटन मशरूम (Button Mushroom) की खेती

यह मशरूम कम तापमान (सर्दी) में उगाया जाता है। अब ग्रीन हाउस तकनीक से इसे कहीं भी उगाया जा सकता है।

  • बीज (Spawn): बीज हमेशा भरोसेमंद दुकान से लें और 1 महीने से पुराना न हो।
  • मात्रा: कम्पोस्ट खाद के वजन का 2 से 2.5% बीज लगता है।
  • तापमान: कमरे का तापमान 22 से 26 डिग्री और नमी 80-85% होनी चाहिए।
  • तुड़ाई: बुवाई के 35-40 दिन बाद मशरूम निकलने लगते हैं। इसे घुमाकर धीरे से तोड़ना चाहिए।
🏆 सफलता की कहानी (Success Story)

सहारनपुर जिले के किसान सत्यवीर सिंह ने 2009 में एक छोटी सी झोपड़ी और 30 क्विंटल कम्पोस्ट से शुरुआत की थी।

  • आज वे साल में 6000 बैग्स बटन मशरूम और 8000 बैग्स ऑयस्टर मशरूम लगाते हैं।
  • परंपरागत खेती की अपेक्षा इसमें कम मेहनत और ज्यादा लाभ मिलता है।
  • उत्तराखंड की दिव्या रावत (मशरूम लेडी) ने भी साबित किया है कि यह बिजनेस कितना बड़ा हो सकता है।
"खेती और किसान - देश की पहचान"
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