ग्राफ्टेड कटहल की वैज्ञानिक खेती: पौध रोपण से लेकर कमाई तक की जानकारी Grafting Jackfruit Farming Guide

Jackfruit Farming Guide: ग्राफ्टेड कटहल की खेती से कमाएं लाखों (संपूर्ण जानकारी) | Kheti Aur Kisan
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Jackfruit Farming Guide: ग्राफ्टेड कटहल की खेती और पूरी जानकारी (2025)

भारत में कटहल (Jackfruit) की खेती अब सिर्फ एक पारंपरिक फसल नहीं रही, बल्कि यह कमाई का एक बड़ा जरिया बन गई है। विशेष रूप से ग्राफ्टेड (कलम किए हुए) कटहल के आने से किसानों को 8-10 साल इंतजार नहीं करना पड़ता। यह Jackfruit Farming Guide आपको बताएगा कि कैसे आप कम जमीन में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य: ग्राफ्टेड कटहल के पौधे की ऊंचाई कम (6-8 फीट) होती है और यह तीसरे वर्ष से ही फल देना शुरू कर देता है।

1. एक एकड़ में पौधों की संख्या (Plant Spacing)

व्यावसायिक खेती में सही दूरी रखना बहुत जरूरी है। ग्राफ्टेड किस्मों के लिए हम 'सघन बागवानी' (High Density Planting) का उपयोग करते हैं।

विवरण दूरी (मीटर) पौधे प्रति एकड़
सामान्य विधि 8m x 8m 60-70 पौधे
सघन विधि (Recommended) 6m x 6m 110-120 पौधे

2. खेत की तैयारी और गड्ढा भरना

पौधे लगाने से पहले खेत की तैयारी इस प्रकार करें:

  1. गड्ढे का आकार: 1x1x1 मीटर (3 फीट गहरा)।
  2. धूप दिखाना: गड्ढों को मई महीने में खोदकर 15 दिन खुली धूप लगने दें।
  3. खाद मिश्रण: मिट्टी में 20 किलो गोबर की खाद + 1 किलो नीम खली + 50 ग्राम क्लोरोपायरीफॉस (दीमक के लिए) मिलाएं।

3. सिंचाई और देखभाल (Irrigation)

कटहल को 'Water Logging' (पानी जमा होना) बिल्कुल पसंद नहीं है, लेकिन नमी चाहिए।

  • पौधा लगाने के बाद तुरंत सिंचाई करें।
  • गर्मियों में 7 दिन के अंतराल पर और सर्दियों में 15 दिन पर पानी दें।
  • ड्रिप सिंचाई: यह सबसे अच्छी तकनीक है जिससे पानी सीधा जड़ों में जाता है।

4. खाद और उर्वरक प्रबंधन (Fertilizer)

अच्छे उत्पादन के लिए सही पोषण बहुत जरूरी है। प्रति पौधा खाद की मात्रा पौधे की उम्र के हिसाब से दें:

पौधे की उम्र गोबर की खाद NPK मिश्रण
1 साल 10-15 किलो 200 ग्राम
3 साल (फल आने पर) 25-30 किलो 500 ग्राम
5 साल से ऊपर 50 किलो 1 किलो

नोट: खाद देने का सही समय मानसून से पहले (जून) और मानसून के बाद (सितंबर) होता है।

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5. प्रमुख रोग और बचाव (Diseases)

कटहल वैसे तो एक सख्त पौधा है, लेकिन इसमें कुछ रोग लग सकते हैं:

  • तना छेदक (Stem Borer): यह तने में छेद करके अंदर घुस जाता है।
    उपाय: छेद में पेट्रोल या मिट्टी के तेल में भीगी रुई डालकर गीली मिट्टी से बंद कर दें।
  • फल सड़न (Fruit Rot): ज्यादा नमी के कारण फल काले पड़कर सड़ने लगते हैं।
    उपाय: कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (2 ग्राम/लीटर पानी) का छिड़काव करें।
  • गुलाबी रोग (Pink Disease): शाखाओं पर गुलाबी रंग का पाउडर दिखने लगता है। प्रभावित डाल को काट दें और बोर्डो पेस्ट (Bordeaux Paste) लगाएं।

6. तुड़ाई कब और कैसे करें? (Harvesting)

ग्राफ्टेड पौधे 3-4 साल में फल देने लगते हैं।

  • सब्जी के लिए: जब फल का छिलका सख्त हो जाए लेकिन कांटे नुकीले हों, तब तोड़ लें (कच्ची अवस्था)।
  • पके फल के लिए: जब फल पर थपकी देने पर "डब-डब" की खोखली आवाज आए और खुशबू आने लगे, तब तोड़ें।

7. अतिरिक्त कमाई: सह-फसल (Intercropping)

कटहल के पेड़ों के बीच काफी जगह खाली रहती है और 3-4 साल बाद छांव भी हो जाती है। आप इस खाली जगह का उपयोग कर सकते हैं:

  • शुरुआती 3 साल तक: दलहनी फसलें (उड़द, मूंग), सब्जियां।
  • 3 साल बाद (छांव में): हल्दी और अदरक की खेती। इससे आपकी आमदनी दोगुनी हो सकती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

इस Jackfruit Farming Guide का पालन करके आप एक एकड़ में लगभग 120 पौधे लगा सकते हैं। चौथे साल से प्रत्येक पेड़ से 2000-3000 रुपये तक की आमदनी शुरू हो सकती है, जो समय के साथ बढ़ती जाएगी। यह किसानों के लिए एक बेहतरीन "फिक्स्ड डिपॉजिट" (Fixed Deposit) की तरह है।

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