चुकंदर की खेती (Beetroot Farming): चुकंदर एक कंद वाली सब्जी है जो अपने औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। रबी (सर्दी) के मौसम में उगाई जाने वाली यह फसल कम सिंचाई और कम देखरेख में भी किसानों को बंपर पैदावार देती है। इसमें विटामिन-ए, सी और आयरन प्रचुर मात्रा में होता है।
चुकंदर की खेती को मुनाफे का सौदा बनाने वाले मुख्य लाभ ये हैं:
- ✅ जल्दी कमाई: बुवाई के मात्र 2 महीने बाद ही आप इसे बाजार में बेचना शुरू कर सकते हैं।
- ✅ कम सिंचाई: कंद वाली फसल होने के कारण इसे बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है।
- ✅ बेहतर बाजार मांग: जूस पार्लर, सलाद और हेल्थ सप्लीमेंट कंपनियों में इसकी भारी डिमांड रहती है।
- ✅ मिश्रित खेती: इसे गन्ने या अन्य फसलों के बीच में उगाकर आप अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं।
बेहतर कंद विकास के लिए निम्नलिखित परिस्थितियां आवश्यक हैं:
- जलवायु: यह मुख्य रूप से ठंडी जलवायु की फसल है। 15 से 22 डिग्री सेल्सियस तापमान इसकी बढ़त के लिए सबसे अच्छा है।
- मिट्टी: उचित जल निकास वाली दोमट या बलुई दोमट मिट्टी।
- pH मान: मिट्टी का pH मान 6.0 से 7.0 के बीच होना चाहिए।
बुवाई का समय: उत्तर भारत में इसकी बुवाई का सबसे सही समय सितंबर के मध्य से नवंबर के अंत तक होता है।
बुवाई की विधि:
- बीजों को हमेशा मेड़ों (Ridges) पर लगाना चाहिए ताकि कंदों को फैलने की जगह मिले।
- लाइन से लाइन की दूरी 30-40 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 10-15 सेमी रखें।
- बुवाई के तुरंत बाद एक हल्की सिंचाई जरूर करें।
पैदावार बढ़ाने के लिए वैज्ञानिकों द्वारा सुझाई गई इन किस्मों का चयन करें:
- डेट्रायट डार्क रेड: सबसे लोकप्रिय किस्म, गहरा लाल रंग और गोल आकार।
- क्रिमसन ग्लोब: जल्दी पकने वाली और अधिक वजन देने वाली किस्म।
- अर्ली वंडर: व्यापारिक स्तर पर उगाई जाने वाली प्रमुख किस्म।
चुकंदर की खेती का आर्थिक गणित कुछ इस प्रकार है:
- 💰 पैदावार: एक हेक्टेयर से औसतन 250 से 300 क्विंटल उत्पादन।
- 💰 लागत: बीज, जुताई और सिंचाई मिलाकर प्रति हेक्टेयर खर्च लगभग ₹25,000 - ₹30,000।
- 💰 शुद्ध लाभ: बाजार भाव ₹15-20 प्रति किलो रहने पर किसान भाई ₹2 लाख से ₹3 लाख तक शुद्ध लाभ कमा सकते हैं।
किसान भाइयों, चुकंदर की खेती परंपरागत खेती से हटकर अधिक मुनाफा कमाने का एक बेहतरीन रास्ता है। कम समय में खेत खाली हो जाने के कारण आप साल में एक और अतिरिक्त फसल ले सकते हैं, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
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